इनमें (हल्की हरी साड़ी में) उस समय के DC की धर्मपत्नी, (गहरी हरी साड़ी में) पुलिस कमिश्नर की धर्मपत्नी, और संस्था की समर्पित सदस्य मिसेज ग्रोवर एवं मिसेज जुनेजा (अपने बेटे के साथ) की उपस्थिति विशेष रूप से उल्लेखनीय है। यह आयोजन केवल एक मेला नहीं था, बल्कि एक परिवार की तरह जुड़े समाज का मिलन था।मद्रास हैंडलूम और मयूर हैंडीक्राफ्ट जैसे स्टॉल्स से सजा यह मैदान और फूलों की वह सुंदर प्रदर्शनी आज भी हमें उन सुनहरे दिनों की याद दिलाती है। हमारी संस्था का यह सफर अत्यंत गौरवशाली रहा है और ये पुरानी यादें हमें भविष्य में भी इसी तरह पूरी निष्ठा के साथ समाज सेवा के लिए प्रेरित करती रहेंगी।
xoxo
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