Tuesday, February 10, 2026

CROCHET EARINGS

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Monday, February 9, 2026

Crochet jewellery

Tina's handicraft : Ball stitched vent rocaille: Material  beads regular size of about 2.5 g (in this manual pink and gray Japanese TOHO beads vel. 11) Wooden bead 14 mm (e-...

Sunday, February 8, 2026

गुलाबी सॉफ्ट कोरल

यह गुलाबी सॉफ्ट कोरल है, जिसे गॉर्गोनियन या समुद्री पंखे के नाम से जाना जाता है। ये समुद्री जीव हैं जो समुद्र की गहराइयों में पाए जाते हैं। इन्हें कभी-कभी आभूषणों में इस्तेमाल किया जाता है, खासकर 'स्पंज कोरल' के रूप में, जिन्हें स्थायित्व के लिए रेज़िन से भरा जाता है। हालाँकि, यह उस कठोर 'लाल मूंगा' रत्न से अलग होता है जिसका उपयोग आमतौर पर ज्योतिषीय उद्देश्यों के लिए किया जाता है। ज्योतिषीय मूंगा इटली और जापान जैसे देशों से आयात किया जाता है क्योंकि भारत में प्राकृतिक कोरल की कटाई और व्यापार वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972 के तहत पूरी तरह से प्रतिबंधित है। भारत में मन्नार की खाड़ी और कच्छ की खाड़ी जैसे समुद्री संरक्षित क्षेत्रों में मूंगा भित्तियाँ पाई जाती हैं, जहाँ उन्हें कानूनी सुरक्षा प्राप्त है। ये मूंगा पारिस्थितिकी तंत्र पर्यावरण के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं क्योंकि वे लाखों समुद्री प्रजातियों के लिए आवास प्रदान करते हैं, तटीय सुरक्षा के लिए प्राकृतिक अवरोधक के रूप में कार्य करते हैं, और स्थानीय अर्थव्यवस्थाओं के लिए मत्स्य पालन और पर्यटन का समर्थन करते हैं। दुर्भाग्य से, वे महासागरों के गर्म होने (विरंजन का कारण), अम्लीकरण, प्रदूषण और अत्यधिक मछली पकड़ने जैसे गंभीर खतरों का सामना कर रहे हैं। इन खतरों को कम करने के लिए भारत सरकार सख्त कानून, कृत्रिम भित्तियाँ और सामुदायिक भागीदारी जैसे विभिन्न संरक्षण प्रयास कर रही है। भारत में, लाल मूंगा रत्न से जड़े आभूषण व्यापक रूप से उपलब्ध हैं और भारतीय ज्योतिष में महत्वपूर्ण माने जाते हैं। इन्हें अंगूठियों और पेंडेंट में जड़ा जाता है, और इन्हें पहनने से साहस, आत्मविश्वास बढ़ने और मंगल ग्रह के दोषों को दूर करने में मदद मिलती है। असली और प्रमाणित मूंगा रत्न की पहचान के लिए, हमेशा एक प्रतिष्ठित लैब से प्रमाण पत्र लेना सबसे अच्छा है। आप सतह पर प्राकृतिक बनावट और बुलबुले न होने का निरीक्षण करके भी पहचान कर सकती हैं। उचित देखभाल आपके मूंगा आभूषणों की चमक और दीर्घायु सुनिश्चित करती है क्योंकि यह एक जैविक (organic) रत्न है और काफी नाजुक होता है। इसे साफ करने के लिए हमेशा हल्के साबुन और गुनगुने पानी का उपयोग करें और एसीटोन, परफ्यूम या अन्य कठोर रसायनों से संपर्क से बचें। मूंगे को सीधे धूप, अत्यधिक गर्मी या अल्ट्रासोनिक क्लीनर के संपर्क में न रखें, और खरोंच से बचाने के लिए इसे नरम कपड़े में अलग से संग्रहित करें। My inspirational blog today Memories and Musings II - Life in Pondicherry: MEDA Memories and Musings II - Life in Pondicherry: MEDA: A month back Raja and myself were proceeding to Pradeep’s Khet for a lunch gathering. His farm is located in Haryana, beyond Gurgaon, n... XOXO

Tuesday, February 3, 2026

वह असाधारण माँ जिसने बराक ओबामा को गढ़ा

मुझे टाइम मैगज़ीन पढ़ना बहुत अच्छा लगता है। आज पुरानी पत्रिकाओं को देखते हुए यह पत्रिका मेरे सामने आ गई। जब बराक ओबामा संयुक्त राज्य अमेरिका के 44वें राष्ट्रपति चुने गए और टाइम मैगज़ीन में उनके बारे में छपा, तो मैं उनकी माँ और उनके जीवन के बारे में जानकर बहुत प्रभावित हुई और मैंने पत्रिका में उन पर आधारित लेख को बार-बार पढ़ा।
यह कहानी केवल बराक ओबामा के बारे में नहीं थी, बल्कि उनकी माँ, स्टेनली एन डनहम, के उल्लेखनीय जीवन पर केंद्रित थी। एक स्वतंत्र और बौद्धिक मानवविज्ञानी के रूप में, उन्होंने हवाई में बराक को अपने नाना-नानी के पास छोड़ दिया था ताकि वह अपनी पढ़ाई और काम जारी रख सकें। एन डनहम ने बाद में इंडोनेशियाई व्यक्ति लोलो सोएतोरो से शादी की और बराक को लेकर इंडोनेशिया चली गईं। जकार्ता में, उनकी एक बेटी, माया सोएतोरो-एनजी, भी हुई। उन्होंने इंडोनेशिया में ही अपने मानव विज्ञान में पीएचडी की पढ़ाई पूरी की और बाद में ग्रामीण महिलाओं के लिए माइक्रोफाइनेंस प्रणाली विकसित करने में महत्वपूर्ण काम किया। XOXO

Friday, January 30, 2026

महात्मा गांधी:

एक देह का अंत, एक विचार का अमर होना आज 30 जनवरी है। आज ही के दिन 1948 में बापू की पार्थिव देह हमसे छिन गई थी, लेकिन उनके विचार आज भी उतने ही जीवित हैं जितने सात दशक पहले थे। गांधी जी को याद करना केवल एक व्यक्ति को याद करना नहीं है, बल्कि सत्य, साहस और संयम के मूल्यों को याद करना है।
- गांधी जी का मानना था कि अगर हमारा लक्ष्य महान है, तो उसे पाने का रास्ता भी उतना ही नेक होना चाहिए। उन्होंने सिखाया कि गलत रास्ते पर चलकर कभी सही मंजिल नहीं पाई जा सकती। - अक्सर लोग अहिंसा को कमजोरी समझ लेते हैं, लेकिन बापू ने दिखाया कि बिना हाथ उठाए भी दुनिया के सबसे बड़े साम्राज्य की नींव हिलाई जा सकती है। यह कायरता यह कायरता नहीं, बल्कि आत्मिक बल है। - उन्होंने चरखे के माध्यम से आत्मनिर्भरता का जो संदेश दिया, वह आज के 'Self-reliant' भारत की प्रेरणा है। xoxo

Sunday, January 25, 2026

Crochet Dreamz: How I Organize My Crochet Stuff

Crochet Dreamz: How I Organize My Crochet Stuff: All we crocheters love our crochet supplies and love hoarding them for future use. But too much of it and things go out of control. You d...

Barahmasa, Ritusamharam


Glancing at the amaranth’s blossoming sprays
Glowing in exquisite loveliness just-revealed
Loveliness that rightly belongs to the beloved’s face
How can a responsive heart not flutter in pain
Stung by proud Love’s flying arrows, my love?
These radiant, finely crafted, lines might come from Kalidasa’s classic work, the Ritusamharam, but, reading them, come rushing into mind, instantly, miniature paintings, made in Rajasthan or the Pahari area, centuries later. The setting is always intimate, romantic: lovers seated in a balcony or on a marble terrace, gazing into each other’s eyes while the beauties of the seasons