Have nothing in your house that you do not know to be useful, or believe to be beautiful. - William Morris
Tuesday, June 9, 2026
'आजकल' पत्रिका में बेटी विपिन चौधरी का आलेख: हिन्दी कहानी का वर्तमान
साहित्य और संस्कृति की प्रतिष्ठित मासिक पत्रिका 'आजकल' के जून 2026 के अंक को देखना मेरे लिए अत्यंत गर्व और प्रसन्नता का क्षण है। इस विशेष अंक में मेरी बेटी विपिन चौधरी का एक बेहद महत्वपूर्ण और वैचारिक आलेख प्रकाशित हुआ है।
विपिन ने "हिन्दी कहानी के वर्तमान" विषय पर केंद्रित इस आलेख में विभिन्न पीढ़ियों के प्रतिष्ठित कथाकारों से बातचीत की है। इस संवाद में पंकज बिष्ट, ज्ञानप्रकाश विवेक, महेश दर्पण, योगेन्द्र आहूजा और अलका सरावगी जैसे दिग्गज साहित्यकारों ने समकालीन कहानी के बदलते सामाजिक यथार्थ, शिल्प और आज के दौर की चुनौतियों पर अपने गंभीर विचार साझा किए हैं।
आप सभी सुधी पाठकों से अनुरोध है कि इस विषय पर अपने विचार जरूर साझा करें। आज के दौर में बदलती हिन्दी कहानी के इस स्वरूप को आप किस तरह देखते हैं। आलेख को पढ़कर अपनी बहुमूल्य प्रतिक्रिया नीचे कमेंट बॉक्स में जरूर दें। आपके विचारों का स्वागत रहेगा।
XOXO
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