जब घर में मचा हो 'हच-पच'
दीवाली की सफाई के दौरान घर का नजारा कुछ ऐसा ही होता है—
बैठक के सोफे पर चादरें ढकी हैं और झाड़ू-झाड़न अपनी ड्यूटी पर लगे हैं।
किचन का सामान बाहर निकलकर टेबल और रैक्स पर सज गया है।
एक कमरे से दूसरे कमरे का रास्ता बनाते हुए गत्ते के डिब्बे, सूटकेस और पैकिंग मटीरियल हर तरफ नज़र आ रहे हैं।
यह उथल-पुथल भले ही थका देने वाली होती है, लेकिन इसके पीछे की खुशी यह होती है कि जल्द ही हर कोना चमक उठेगा।
सफाई की शुरुआतं
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| दीवाली की सफाई का पहला चरण— |
रसोई का सामान बाहरं
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| बैठक के सोफे ढके गए और झाड़ू-झाड़न अपनी ड्यूटी पर तैनात हैंं |
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| जब किचन के डब्बे और क्रॉकरी बाहर निकल आएं, तो समझो दीवाली की महा-सफाई अपने चरम पर हैं |
गत्ते के डिब्बे और पैकिंगं
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| घर के हर कोने में डिब्बों और सूटकेस का रास्ता—सफाई के दौरान घर का गोदाम जैसा नजारां |
फुर्सत के रंगीन पलं
थकान के बीच सुकून का हुनर
सफाई के इस भारी काम के बीच जब भी मुझे थोड़ा सा फ़ुरसत का समय मिला, मैंने अपने हाथों के हुनर को आराम नहीं देने दिया। सफाई की थकान मिटाने के लिए मैंने क्रोशिया (Crochet) से कुछ सुंदर और रंग-बिरंगे प्लेस मैट्स बनाये।
नीले, नारंगी, पीले और फिरोज़ी धागों से बने ये छोटे-छोटे क्रोशिया पैटर्न न केवल देखने में मनमोहक हैं, बल्कि सफाई के इस 'हच-पच' के माहौल में भी मन को एक नई ताजगी और शांति दे जाते हैं।
दीवाली केवल घर को साफ करने का नाम नहीं है, बल्कि अपने अंदर की खुशियों और रचनात्मकता को भी निखारने का एक बहाना है।
सफाई की भाग-दौड़ और थकान के बीच, क्रोशिया से बने रंग-बिरंगे प्यारे प्लेस मैट्स
दीवाली की सफाई में आपके घर का क्या हाल है? क्या आपके यहाँ भी ऐसा ही 'हच-पच' माहौल बनता है?
आपकी दीवाली की सफाई पूरी हुई या अभी भी जारी है?
काम की इस भाग-दौड़ के बीच आप अपनी थकान कैसे मिटाते हैं? क्या आप भी सफाई के बीच थोड़ा समय अपने किसी पसंदीदा हुनर के लिए निकालते हैं? मुझे कमेंट सेक्शन में जरूर बताएंं
xoxo
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