दिवाली सिर्फ दीयों का त्योहार नहीं, बल्कि परिवार के साथ खुशियाँ बांटने
का जरिया है। इस कोलाज में मेरे दिल के सबसे करीब – मेरी बेटी, भतीजी
और बहू हैं, जिन्होंने अपनी मुस्कान से इस बार की दिवाली में चार चांद लगा
दिए। बिना किसी शब्द के भी यह कोलाज हमारे घर की लक्ष्मी के महत्व को
बयां करता है। |
| दिवाली की रोशनी और घर की लाडलियाँ: हमारा ब्लॉग कोलाज |
घर की लक्ष्मी, घर की शान,
बेटी, बहू और भतीजी से ही है इस आंगन की मुस्कान।
दीयों की रोशनी और रंगोली के इन खूबसूरत रंगों के साथ, हमारे परिवार की तीन देवियों ने इस दिवाली को और भी खास बना दिया। खुशियों से भरा हमारा यह छोटा सा संसार!
XOXO
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