Friday, January 30, 2026

महात्मा गांधी:

एक देह का अंत, एक विचार का अमर होना आज 30 जनवरी है। आज ही के दिन 1948 में बापू की पार्थिव देह हमसे छिन गई थी, लेकिन उनके विचार आज भी उतने ही जीवित हैं जितने सात दशक पहले थे। गांधी जी को याद करना केवल एक व्यक्ति को याद करना नहीं है, बल्कि सत्य, साहस और संयम के मूल्यों को याद करना है।
- गांधी जी का मानना था कि अगर हमारा लक्ष्य महान है, तो उसे पाने का रास्ता भी उतना ही नेक होना चाहिए। उन्होंने सिखाया कि गलत रास्ते पर चलकर कभी सही मंजिल नहीं पाई जा सकती। - अक्सर लोग अहिंसा को कमजोरी समझ लेते हैं, लेकिन बापू ने दिखाया कि बिना हाथ उठाए भी दुनिया के सबसे बड़े साम्राज्य की नींव हिलाई जा सकती है। यह कायरता यह कायरता नहीं, बल्कि आत्मिक बल है। - उन्होंने चरखे के माध्यम से आत्मनिर्भरता का जो संदेश दिया, वह आज के 'Self-reliant' भारत की प्रेरणा है। xoxo

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