हरियाणा की माटी में जहाँ श्रम की सुगंध है, वहीं अब वहाँ रूढ़ियों को बदलने का संकल्प भी है. इंडिया टुडे का यह लेख हमें याद दिलाता है कि जब एक ग्रामीण महिला अपने चेहरे से पर्दा हटाती है, तो वह केवल अपना चेहरा नहीं दिखाती, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए एक नया रास्ता रोशन करती है.
इस प्रेरणादायक बदलाव की पूरी कहानी और सामाजिक शोध को विस्तार से पढ़ने के लिए नीचे दी गई पीडीएफ (PDF) फाइल को डाउनलोड करें या मूल लेख के लिंक पर जाएं.
मूल लेख का लिंक: यहाँ क्लिक करें
शब्बा खैर!