हम अक्सर जीवन में बड़ी खुशियों की तलाश करते हैं, लेकिन असल सुकून उन छोटी-छोटी चीज़ों में छिपा होता है जो हम रोज़ अपने हाथों से करते हैं। ऐसा ही एक सुकून भरा पल हर शाम मुझे मेरे कमरे के दरवाज़े पर मिलता है।
यह जो सुंदर सी रीथ (wreath) आप देख रहे हैं, इसे मैंने खुद अपने हाथों से बनाया है।
इसे मैंने थूजा के पत्तों को गोल थर्मोकोल की रिंग पर रस्सी से लपेट कर बनाया था,पहले यह हरी थी फिर जब थूजा सुख गई तब भी बहुत सुंदर लगती थी. यह सिर्फ एक सजावट की चीज़ नहीं है, बल्कि मेरे दिल का एक टुकड़ा है। रोज़ाना शाम होते ही इस पर लगी रंग-बिरंगी लाइट्स को ऑन करना अब मेरा एक पसंदीदा रीचुअल (नियम) बन चुका है।
रात के अंधेरे में जब ये लाइटें जगमगाती हैं, तो पूरे कोने में एक जादुई और सकारात्मक ऊर्जा भर जाती है। दिनभर की थकान के बाद जब भी मैं अपने कमरे के इस दरवाज़े को देखता हूँ, तो मन को एक अजीब सी शांति मिलती है। यह रोशनी मुझे याद दिलाती है कि बाहर चाहे कितना भी अंधेरा हो, हम अपने भीतर और अपने घर में हमेशा रोशनी बनाए रख सकते हैं।
क्या आपका भी कोई ऐसा ही रोज़ का रीचुअल है जो आपके चेहरे पर मुस्कान लाता है? मुझे कमेंट्स में ज़रूर बताएं!
2.Embriodary
I will embroider an art piece like this the link is underneath
XOXO
