वसंत पंचमी
Have nothing in your house that you do not know to be useful, or believe to be beautiful. - William Morris
Wednesday, February 1, 2017
Sunday, January 1, 2017
happy new year
I COMPLETED MY DATA COLLECTION IN SLUM AREAS OF Hisar_(city) AND Jaipur IN DECEMBER 2016.
I will start to feed the data in excel files and draw inferences after doing my data analysis.
let see the decadal changes in slums and slum people.
xoxo
Sunday, November 20, 2016
मार्गशीर्ष और पौष हेमंत ऋतू के महीने हैं
बदलता मौसम


शरद पूर्णिमा के बाद
हेमंत ऋतू आती है. हेमन्त ऋतु भारत की 6 ऋतुओं में से एक ऋतु है. अंग्रेज़ी कलेंडर के अनुसार दिसम्बर से जनवरी माह में हेमन्त ऋतु रहती है. विक्रमी संवत के अनुसार मार्गशीर्ष और पौष 'हेमन्त ऋतु' के मास हैं. इस ऋतु में शरीर प्राय स्वस्थ रहता है. पाचन
शक्ति बढ़ जाती है. मैं आज गोंद के लड्डू बनाऊँगी इसके लिये सामगी सहेज ली है ..
शीत ऋतू दो भागों में
बिभक्त है. हल्के गुलाबी जाड़े को हेमंत
ऋतू और तीव्र तथा तीखे जाड़े को शिशिर कहा जाता है. शरद, हेमंत और शिशिर पितरों की ऋतु हैं मार्गशीर्ष में गीता जयंती और, दत्त जयंती आएगी. पौष
मास में हनुमान अष्टमी,
पार्श्वनाथ जयंती आदि के अलावा रविवार को सूर्य उपासना का विशेष
महत्व है.
समस्त महिनों में मार्गशीर्ष श्रीकृष्ण का ही स्वरूप है. मार्गशीर्ष माह के संदर्भ में कहा गया है कि इस माह का
संबंध मृगशिरा नक्षत्र से होता है. ज्योतिष के
अनुसार इस माह की पूर्णिमा मृगशिरा नक्षत्र से युक्त होती है, जिस कारण से इस
मास को मार्गशीर्ष मास कहा जाता है. इसके
अतिरिक्त इस महीने को 'मगसर', 'अगहन'
या 'अग्रहायण' माह भी
कहा जाता है. मार्गशीर्ष के महीने में स्नान एवं दान का विशेष महत्व होता है. भगवान श्रीकृष्ण ने गोपियों को मार्गशीर्ष माह की महत्ता बताई थी तथा उन्होंने कहा था कि-
"मार्गशीर्ष के महीने में यमुना नदी में स्नान से मैं सहज ही प्राप्त हो जाता हूँ." अत: इस माह में नदी
स्नान का विशेष महत्व माना गया है.
xoxo
मार्गशीर्ष और पौष हेमंत ऋतू के महीने हैं
बदलता मौसम


शरद पूर्णिमा के बाद
हेमंत ऋतू आती है . हेमन्त ऋतु भारत की 6 ऋतुओं में से एक ऋतु है। अंग्रेज़ी कलेंडर के अनुसार दिसम्बर से जनवरी माह में हेमन्त ऋतु रहती है। विक्रमी संवत के अनुसार मार्गशीर्ष और पौष 'हेमन्त ऋतु' के मास हैं। इस ऋतु में शरीर प्राय स्वस्थ रहता है। पाचन
शक्ति बढ़ जाती है। मैं आज गोंड के लड्डू बनाऊँगी इसके लिये सामगी सहेज ली है ..
शीत ऋतू दो भागों में
बिभक्त है .हल्के गुलाबी जाड़े को हेमंत
ऋतू और तीव्र तथा तीखे जाड़े को शिशिर कहा जाता है.शरद ,हेमंत और शिशिर पितरों की ऋतु हैं मर्गशिढ़
में गीता जयंती और ,दत्त जयंती आयंगी . पौष
मास में हनुमान अष्टमी,
पार्श्वनाथ जयंती आदि के अलावा रविवार को सूर्य उपासना का विशेष
महत्व है।
समस्त महिनों में मार्गशीर्ष श्रीकृष्ण का ही स्वरूप है। मार्गशीर्ष माह के संदर्भ में कहा गया है कि इस माह का
संबंध मृगशिरा नक्षत्र से होता है। ज्योतिष के
अनुसार इस माह की पूर्णिमा मृगशिरा नक्षत्र से युक्त होती है, जिस कारण से इस
मास को मार्गशीर्ष मास कहा जाता है। इसके
अतिरिक्त इस महीने को 'मगसर', 'अगहन'
या 'अग्रहायण' माह भी
कहा जाता है। मार्गशीर्ष के महीने में स्नान एवं दान का विशेष महत्व होता है।
भगवान श्रीकृष्ण ने गोपियों को मार्गशीर्ष माह की महत्ता बताई थी तथा उन्होंने कहा था कि-
"मार्गशीर्ष के महीने में यमुना नदी में स्नान से मैं सहज ही प्राप्त हो जाता हूँ।" अत: इस माह में नदी
स्नान का विशेष महत्व माना गया है।
xoxo
बेटी की पुस्तक
बेटी की पुस्तक का
विमोचन जयपुर में होना था अतः इसी दौरान अजमेर एवं पुष्कर भी जाना हुआ
पुष्कर, (राजस्थान) में कार्तिक महीने में बारह दिन चलने वाला यह मेला सजे धजे पुष्कर के मैदान
में होता है। पशुओं की ख़रीद-फरोख्त, ऊँट रेस, चूडियाँ, बर्तन,
कपड़े, ऊँट की सवारी में काम आने वाली
वस्तुएँ जैसे गद्दी और उसमें लगाने वाली रस्सी, फुँदने,
घंटियाँ और सजावट के सामानों का आकर्षण व्यापार यहाँ होता है।
कार्तिक पूर्णिमा के दिन श्रद्धा के साथ पुष्कर के पवित्र तालाब में डुबकी लगाने
और ब्रह्मा के मंदिर में दर्शन करने की परंपरा हैं।
Saturday, September 24, 2016
महान संत कवि बुल्ले शाह,rehana
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| l heart her poses |
![]() |
| she changes her poses in every second |

![]() |
| On my lap in front of computer |
![]() |
| She reacts like her father when he was a baby |
![]() |
| Rehan's pics of Sept 26,2014 ,8:10AM |
Rehana my grand daughter is very calm baby I remember my
own kids Rehan’s father and her aunt Vipin
they cry a lot. Ever since they've been in the world. For the first ten months,usually the firstborn basically cried. From week 6 to week 11 also due to severe colic,
which did not stop later: only for a moment I stopped singing, reading,
strumming the guitar, dancing, showing all the animals glued to the walls… his
form had already started growl in crying. I learned how to use my left hand very well,
because it kept staring at me, I remember how I used to cook lunch: it was
chopped on the counter in the shell, I was chopping vegetables on the board and
rocking the shell with my foot so that the toys were on it I was moving here
and there, and that made me miss at least enough to put it all on the stove.
सूफी परंपरा में प्रेम ही सर्वोत्कृष्ट साधना है। इसमें भी वे संयोग के
आनंद की जगह विरह की तड़प को महत्त्व देते हैं। सूफी सन्तों का मानना है कि
विरह की अग्नि ही ह्रदय की सारी कालिमा को पिघला कर बाहर निकाल देती है। ऐसा होने
के बाद ह्रदय में हमेशा से मौजूद खुदा के दीदार होने लगते हैं।
सूफी खुदा को
सातवें आसमान पर नहीं कण -कण में व्यापत मानते हैं, कुछ भी तो ऐसा नहीं है, जिससे खुदा का नूर न चमकता हो। बुल्ले शाह को गुरु ने यही उपदेश तो दिया
है। .........
रब तैतो
बंदेआ दूर नईं ऊं, पर मिलन दा ए दस्तूर नईं ऊं
जद तक न
खुदी मिटाएंगा,
तद तक न रब नू पाएंगा
बुल्लेआ रब दा
तू की पावना ए
एददरों पुट्टनां
तै एददर लावना ए.
आध्यात्मिक साधना का सार है यह पद्द्य, जो बुल्ले शाह को गुरु ने धान रोपते-रोपते कहा था। बुल्लेशाह ने इसी को, संभवतया अपना आदर्श मानकर अपनी रचनाओं में बांधा।
आध्यात्मिक साधना का सार है यह पद्द्य, जो बुल्ले शाह को गुरु ने धान रोपते-रोपते कहा था। बुल्लेशाह ने इसी को, संभवतया अपना आदर्श मानकर अपनी रचनाओं में बांधा।
संत -परंपरा के अन्य महापुरुषों की तरह
बुल्लेशाह भी बाहरी आडंबर को पूरी तरह से नकारते हैं। उनके अनुसार,यदि बाह्य
साधनाएं अपने परम उद्देश्य-सत्य की अनुभूति से भटककर मात्र रीति -रिवाज़ और
क्रमकांड तक ही सिमित हो जाती हैं, तो वह बेकार
हैं। इसी तरह उन्होंने चमत्कारों को भी, जिनकी और
धार्मिक लोगों का मन आसानी से प्रवाहित होता है स्वीकार नहीं करते, क्योंकि वे मानते हैं कि ये सिद्धियां भौतिक पदार्थ के संदर्भ में ही
होती हैं,
उनका स्वरूप बोध से कोई लेना-देना नहीं है।
xoxo
Sunday, August 14, 2016
Independence Day
Independence Day in India is celebrated on 15 August with colourful processions and a march past in Delhi
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"Partition was not inevitable" |
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|
xoxo
|
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