सामने की बालकनी में चारों तरफ फैली खूबसूरत हरियाली के बीच दीवार पर सीलन (नमी) का यह पैच कैसा लगता है? थोड़ा उदास करने वाला ना?
जी हां! हमारे घर की स्थिति और माहौल का सीधा प्रभाव हमारे मानसिक स्वास्थ्य और विचारों पर पड़ता है.
जब मैंने 1991 में अपनी MSc की थी, तब मेरी रिसर्च (Thesis) का विषय था: "Housing and Health in Rural Areas of Haryana"
उस समय 'Review of Literature' के सिलसिले में जब मैंने लाइब्रेरी में घंटों बैठकर तथ्य इकट्ठे किए, तो घर और आसपास की हर चीज को एक शोधकर्ता की दृष्टि से देखने का अभ्यास हो गया. उसके बाद से इस तरह दीवारों पर सीलन या उखड़ा हुआ पेंट देखकर मन थोड़ा असहज हो जाता था.
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार स्वास्थ्य की परिभाषा भी यही स्पष्ट करती है:
"Health is a state of complete physical, mental and social well-being and not merely the absence of disease or infirmity." (स्वास्थ्य केवल बीमारियों या दुर्बलता की अनुपस्थिति नहीं है, बल्कि संपूर्ण शारीरिक, मानसिक और सामाजिक कल्याण की स्थिति है.)
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| गमलों के पीछे सीलन वाली दीवार |
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| बालकनी के सुंदर पौधे और गमले |
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| घर के सामने का पार्क |
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| पौधे और पार्क का एक और दृश्य |
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| बेटी और भांजी की बचपन की तस्वीर |
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| बेटी/भांजी की एक और प्यारी तस्वीर |






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