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| गले में धन की थैली और रोबदार मूंछों के साथ साहूकार अपने घोड़े पर सवार। |
हरियाणा के पारंपरिक खिलौनों की श्रृंखला में मैंने यह 'घोड़े पर सवार साहूकार' तैयार किया है।
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| पारंपरिक वेशभूषा, सफ़ेद धोती-कुर्ता और साफ़े में सज्जित साहूकार का साइड दृश्य. |
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| घोड़े की लगाम कसकर थामे आगे की ओर बढ़ता हुआ साहूकार. |
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| रंग-बिरंगे गोटे और कतरनों से सजा घोड़े का सुंदर आसन (सैडल). |
घोड़े का आसान (जीन) रंग-बिरंगी कतरनों और गोटे के फुंदनों (tassels) से सजाया गया है।
व्यर्थ समझे जाने वाले कपड़ों को नया जीवन देकर अपनी सांस्कृतिक विरासत को सहेजना ही लोक-कला का सच्चा सौंदर्य है।
💡एत्सी (Etsy) शॉप के लिए मेरी सोच / My Thoughts on Opening an Etsy Shop
मुझे लगता है कि मुझे हरियाणा की इस पारंपरिक लोक-कला को देश-विदेश के लोगों तक पहुँचाने के लिए अपनी एक Etsy Shop खोलनी चाहिए। हमारी सांस्कृतिक विरासत और पुरानी कतरनों से बनी इन हस्तनिर्मित कलाकृतियों (Upcycled Crafts) को दुनिया भर के लोक-कला प्रेमियों तक पहुँचाने का यह एक बहुत अच्छा माध्यम हो सकता है। आपकी इस बारे में क्या राय है?
XO




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