आज मैंने सोयाबीन को अच्छी तरह धोकर धूप में सुखाया। ऐसा करने से उसका छिलका थोड़ा ढीला पड़ जाता है और उसे अलग करना आसान हो जाता है।
सोयाबीनअत्यंत पौष्टिक माना जाता है, लेकिन उसका कठोर छिलका कई लोगों के लिए आसानी से पच नहीं पाता। इसलिए मैं वर्षों से एक सरल घरेलू तरीका अपनाती हूँ।
विधि इस प्रकार है—
- सबसे पहले सोयाबीन को अच्छी तरह धो लें।
- फिर उसे धूप में पूरी तरह सुखा लें।
- सूख जाने पर थोड़ी-थोड़ी मात्रा में मिक्सर में हल्का-सा चला लें, ताकि दाने केवल दरदरे हों और छिलका अलग होने लगे।
- अब इन्हें अच्छी तरह फटक लें, जिससे अधिकांश छिलके अलग हो जाएँ।
- इस प्रकार तैयार सोयाबीन की दाल को गेहूँ, ज्वार या अन्य अनाजों के साथ मिलाकर चक्की में पिसवा सकते हैं।
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धूप में सूखते हुए धोए गए सोयाबीन। |
| छाज(fender/winnowing tray / bamboo winnowing basket) |
अलग हुए सोयाबीन के छिलकों को फेंकने की आवश्यकता नहीं है। यदि घर में गाय हो तो उन्हें गाय को खिलाया जा सकता है।
आज ज्वार भी धूप में सूख रही थी, इसलिए दोनों काम एक साथ हो गए।
इसी दौरान मुझे इंटरनेट पर एक बहुत ही रोचक ब्लॉग भी पढ़ने को मिला। उस ब्लॉग की रचनात्मकता और लेखिका के सुंदर हस्तशिल्प कार्य मुझे इतने अच्छे लगे कि सोचा, उसका लिंक यहाँ सुरक्षित रख दूँ, ताकि बाद में भी उसे आसानी से पढ़ सकूँ।



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