भौगोलिक परिचय:
गांव: खरकड़ी माखवान
डाकखाना :तोशाम
पिन कोड : 127040
आस-पास के समीपवर्ती गांव: झांवरी (1 किमी.), लक्ष्मनपुरा (1 किमी.), सरल (3 किमी.), खरकड़ी सोहन (3 किमी.), बागनवाला (3 किमी.), थलोड़ (7 किमी.), सागवान (8 किमी.), दुल्हेड़ी (8.5 किमी.), और पटौदी (10.5 किमी.)।
जैसे ब्रज और बरसाने की लट्ठमार होली प्रसिद्ध है, ठीक उसी तर्ज पर हमारे गांव और हरियाणा में 'कोरडामार (कोड़ामार) होली' बड़े हर्षोल्लास से मनाई जाती है.
कपड़े को ऐंठकर और भिगोकर एक मजबूत रस्सी (कोड़ा या कोरड़ा) का रूप दिया जाता है. गांव की महिलाएं इन कोरडों से होली खेल रहे पुरुषों पर स्नेहिल प्रहार करती हैं, जबकि पुरुष पानी, गुलाल और लाठियों के सहारे बचाव करते हुए इस उल्लास का आनंद लेते हैं.
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| ऐतिहासिक आर्य समाज मंदिर: सन 1907 के सामाजिक पुनर्जागरण और वैचारिक चेतना का प्रतीक. |
सन 1907 में मेरे परदादा (great grand father) चौधरी स्योराम जी आर्य समाज के प्रधान चुने गए थे. उसी वर्ष (1907) हमारे गांव में एक विशाल आर्य समाज कांफ्रेंस का आयोजन हुआ था, जिसमें देश के कई महान विद्वानों और समाज सुधारकों ने भाग लिया था. उस दौर में सामाजिक और शैक्षिक पुनर्जागरण के लिए मेरे परदादा जी ने 100 रुपये की सहयोग राशि दान की थी, जो उस समय एक बहुत बड़ी राशि मानी जाती थी.
हमारे गांव का यह आर्य समाज मंदिर आज भी उस गौरवशाली इतिहास, संस्कारों और वैचारिक चेतना का प्रतीक बनकर खड़ा है.
शब्बा खैर!



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