Friday, August 20, 2021

पारंपरिक बाजरे और मोठ की खिचड़ी


जाट संस्कृति में मोठ और बाजरे की खिचड़ी का विशेष महत्व है. यह सर्दियों के मौसम का एक बेहद पौष्टिक और पारंपरिक भोजन है. आइए जानते हैं इसे बनाने की प्रामाणिक विधि:


आवश्यक सामग्री

बाजरा: २५० ग्राम (४ घंटे पहले भिगोया हुआ)


मोठ की दाल: २५० ग्राम


पानी: ४ लीटर


नमक: स्वादानुसार


पारंपरिक बर्तन: मिट्टी की हांडी और लकड़ी का चाटू


बनाने की सरल विधि

बाजरा तैयार करना: ४ घंटे पहले भीगे हुए बाजरे को ओखली में डालकर अच्छी तरह से कूट लें.


पानी उबालना: सबसे पहले एक हांडी में ४ लीटर पानी चढ़ाएं और उसमें उबाल आने दें.


सामग्री मिलाना: जब पानी अच्छी तरह उबल जाए, तो इसमें कूटा हुआ बाजरा, मोठ की दाल और स्वादानुसार नमक डाल दें.


धीमी आंच पर पकाना: खिचड़ी को धीमी आग पर पकने दें. इसे बीच-बीच में लकड़ी के चाटू से धीरे-धीरे हिलाते रहें ताकि मिश्रण हांडी के नीचे न जमे.


तैयार खिचड़ी: जब बाजरे और दाल के दाने पूरी तरह से पक जाएं और खिचड़ी गाढ़ी हो जाए, तो इसे आंच से उतार लें. आपकी गर्मा-गरम खिचड़ी तैयार है.


परोसने के तरीके

इस स्वादिष्ट और सेहतमंद खिचड़ी का आनंद आप इन पारंपरिक तरीकों से ले सकते हैं:


कढ़ी के साथ


गर्म दूध के साथ


देसी घी और बूरा मिलाकर

xoxo

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