Monday, December 29, 2025

L'épingle rose: Les achats du week-end...

L'épingle rose: Les achats du week-end...: Ce fut un week-end ensoleillé mais aussi un week-end de dépenses ... Première étape : ma toute première fois chez Mondial Tissus !!! J...

Thursday, December 25, 2025

Christmas decorations

I am so excited to share the two special Christmas decorations I made myself.
For my first piece, I crafted this unique wall hanging using a green tinsel garland to create the shape of a modern, space-saving Christmas tree. I carefully wove in strands of fairy lights and decorated it with classic red and green baubles and gold bells to add a warm, festive glow. This was my way of bringing the traditional Christmas spirit into my home in a new and personal way.
My second decoration is this beautiful, large decorative camel figurine which I placed next to a warm, Moroccan-style lantern. I was drawn to the intricate, hand-painted details that reflect traditional Indian artistry. I learned that in Vastu, a camel statue is a symbol of endurance and perseverance, which brings good luck and protection from negative energies to the home. It adds such an exotic and meaningful charm to my festive setup. The whole process was made even more special because my 11-year-old granddaughter was sitting nearby watching me the entire time. When the pieces were finally finished, she was absolutely delighted! She immediately started showing them to her friends, proudly saying, "Look what my grandma made this Christmas!" That made all the effort worthwhile. I truly enjoyed making these pieces and love how they incorporate both traditional Christmas colours and unique cultural elements into my seasonal decor, and the joy they brought my granddaughter. XOXO

Tuesday, December 23, 2025

UPCYCLING

A FANTASTIC WAY OF CREATIVE UPCYCLING! MY HANDMADE SUNBURST MIRROR IS A UNIQUE AND VIBRANT PIECE OF WALL ART, EXPERTLY CRAFTED FROM EVERYDAY MATERIALS.
MY HANDMADE SUNBURST MIRROR IS A UNIQUE AND VIBRANT PIECE OF WALL ART, EXPERTLY CRAFTED FROM EVERYDAY MATERIALS.
"I made this sunburst mirror myself using old magazine covers, turning everyday paper into a unique piece of wall art. I rolled each old magazine cover carefully to create the textured sunburst effect, adding a vibrant explosion of color and pattern to my living room. I love that it's a sustainable decoration and adds a personal, artistic touch above my sofa." XOXO

Saturday, December 20, 2025

मेरी यादें: दिवाली 2013

मुझे याद है, 3 नवंबर 2013 का वह रविवार। हर तरफ दीयों की रोशनी थी और घर में रौनक छाई हुई थी। हम सबने मिलकर घर को सजाया था, रंगोली बनाई थी और पूजा की तैयारी की थी। इन तस्वीरों में वही पारिवारिक warmth और उत्सव का माहौल कैद है।
उन पलों को याद करके बहुत सुकून मिलता है। समय कितना जल्दी बीत जाता है, पर ये यादें हमेशा ताजा रहती हैं। वह हंसी-मजाक, साथ में प्रसाद बनाना, और फिर सब मिलकर पूजा करना - सब कुछ इतना खास था। XOXO

Thursday, December 18, 2025

Hisar's Daksh Kamra selected for IPL, bid for Rs 30 lakh, will play like...

दक्ष की सफलता में विकास चौधरी के मार्गदर्शन की अहम भूमिका: इलाइट क्रिकेट अकादमी के कोच ने तराशा हीरा

हिसार, हरियाणा की खेल प्रतिभाओं के लिए यह एक ऐतिहासिक क्षण है। स्थानीय इलाइट क्रिकेट अकादमी के ऑलराउंडर खिलाड़ी दक्ष कामरा के आईपीएल 2026 में कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) के लिए चुने जाने के पीछे, उनके समर्पित मुख्य कोच विकास चौधरी(मेरा बेटा) का महत्वपूर्ण मार्गदर्शन और अथक प्रयास है। विकास चौधरी हिसार के जाने-माने क्रिकेट कोच हैं, जो कई वर्षों से इलाइट क्रिकेट अकादमी में स्थानीय प्रतिभाओं को निखारने का काम कर रहे हैं। उन्होंने दक्ष की प्रतिभा को बचपन में ही पहचान लिया था और तब से लगातार उनके खेल के हर पहलू पर काम किया। कोच विकास चौधरी ने न केवल दक्ष को क्रिकेट की तकनीकी बारीकियों से अवगत कराया, बल्कि उन्हें मानसिक रूप से भी बड़े स्तर के लिए तैयार किया। अकादमी में सख्त प्रशिक्षण, अनुशासित दिनचर्या और मैच सिमुलेशन अभ्यास, ये सब विकास की कोचिंग शैली का हिस्सा हैं, जिन्होंने दक्ष को एक गली क्रिकेटर से आईपीएल स्तर का खिलाड़ी बनने में मदद की। दक्ष के चयन पर खुशी जताते हुए, कोच विकास चौधरी ने कहा, "दक्ष ने हमेशा कड़ी मेहनत की है और अपनी गलतियों से सीखा है। यह उसकी प्रतिभा और समर्पण का परिणाम है। हमारा लक्ष्य अकादमी से और भी कई खिलाड़ियों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहुंचाना है। xoxo

इलाइट क्रिकेट अकादमी

हिसार की इलाइट क्रिकेट अकादमी के ऑलराउंडर ट्रेनी दक्ष कामरा का आईपीएल 2026 की नीलामी में कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) के लिए चयन हुआ है। उन्हें 30 लाख रुपये के बेस प्राइस में खरीदा गया है। मुख्य जानकारी खिलाड़ी: दक्ष कामरा अकादमी: एलीट क्रिकेट अकादमी, हिसार कोच: विकास चौधरी, संदीप खरब आईपीएल टीम: कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) नीलामी राशि: 30 लाख रुपये विशेषता: दक्ष एक ऑलराउंडर खिलाड़ी हैं और अपने गृहनगर हिसार में गली क्रिकेट से लेकर इस मुकाम तक पहुंचे हैं। यह खबर हिसार के क्रिकेट समुदाय और अकादमी के लिए गौरव का क्षण है, और स्थानीय समाचार पत्रों व सोशल मीडिया पर भी प्रमुखता से छाई रही है #hisar दक्ष कामरा का IPL में चयन हुआ - परिजनों में खुशी का माहौल #crick...

Friday, December 12, 2025

जुलाई, 1997: कुरड़ी का वह ख़ौफ़नाक पल और एक सीख

बात जुलाई, १९९७ की है। उन दिनों मेरे पिताजी की पोस्टिंग असम के जोरहाट में थी। हम बच्चे—मैं, मेरी बहन और मेरा भाई—अपनी माँ के साथ गर्मी की छुट्टियाँ बिताने अपने गाँव में दादा-दादी के पास आए हुए थे। गाँव का जीवन शहर से बहुत अलग था। सुबह का नज़ारा कुछ ऐसा था कि लगभग 3:3०-4:०० बजे के बीच ही नींद खुल जाती। हमारे गाँव में उन दिनों बिजली की व्यवस्था नहीं थी, और घरों में शौचालय भी नहीं होते थे। शौच के लिए हमें गाँव से बाहर 'कुरड़ी' (हरियाणवी में वह खाली या खुली जगह जहाँ गाँव का कूड़ा-कचरा और अपशिष्ट जमा होता है, और ऐतिहासिक रूप से शौच के लिए उपयोग की जाती थी) जाना पड़ता था। एक भी मैं रोज़ की तरह घने अँधेरे में शौच जाने के लिए कुरड़ी की ओर अकेली ही निकली। उस दिन अंधेरा ज्यादा ही घना था, पर मुझे अजीब-सा डर कभी नहीं लगा। मैं स्वभाव से बहुत निडर थी। अक्सर मैं अकेले ही कभी टॉर्च लेकर या बिना किसी सहारे के उस सुनसान रास्ते पर चल पड़ती। उस उषाकाल की खामोशी और मेरा अकेलापन, आज भी एक स्पष्ट याद की तरह मेरे ज़हन में ताज़ा है।
जैसे ही मैं कुरड़ी के नज़दीक पहुँची, तभी अचानक मैंने देखा कि सामने से हमारे गाँव की एक महिला आ रही थीं—दिलीप की बहू, जो रिश्ते में मेरी दादी लगती थीं और मानसिक रूप से थोड़ी अस्वस्थ थीं। उनके सिर पर कूड़े का खाली तसला (तसला) रखा हुआ था। वह शायद अपने घर का कूड़ा-कचरा फेंक कर वापस लौट रही थीं। उन्हें देखकर मैं एक तरफ हटने लगी, लेकिन वह भी जान-बूझकर मेरी ही तरफ सरकने लगीं। उनकी यह हरकत देखकर मैं बुरी तरह सहम गई। एक पल के लिए तो मैं बुरी तरह सहम गई। मैं डरकर चीखने ही वाली थी कि तभी पास के एक घर से दिए की हल्की रौशनी दिखी। मैं जान बचाने के लिए उस रौशनी की ओर भागी और सीधे उस घर की चौखट पर चढ़ गई, ताकि दरवाज़ा खटखटा सकूँ। मेरी घबराहट देखकर वह महिला (दिलीप की बहू) भी रुक गईं। शायद वह समझ गईं थीं कि अब मैं किसी को बुला लूँगी। वह अचानक हँस पड़ीं और बोलीं, "बेटी, डर गई क्या? जंगल (गाँव में शौच को जंगल भी कहते हैं ) हो के आई है... (हाँ बेटी, भोत बख्त उठया करै के, बखत उठ कीं पढ़या करै के बेटी) बहुत जल्दी उठती है क्या ... जल्दी उठकर पढ़ा करती है क्या बेटी?" मैं डर के मारे दबी ज़बान में बस "हाँ दादी" ही कह पाई। मेरी तो उस समय साँस अटकी हुई थी। मैंने झटपट कुरड़ी पर अपना काम निपटाया और सीधे घर की तरफ़ भागी। घर पहुँचते ही मैंने अपनी दादी माँ को सारी बात बताई। उन्हें मेरी निडरता पर चिंता हुई। उस दिन के बाद, काफ़ी दिनों तक सुबह के उस पहर में मेरी दादी तब तक मेरे साथ कुरड़ी पर जाने लगीं, जब तक मेरा डर पूरी तरह चला नहीं गया। उस घटना ने मुझे सिखाया कि निडर होना अच्छी बात है, लेकिन सूनसान रास्तों पर सावधानी बरतना भी उतना ही ज़रूरी है my inspiration today Multicolor Granny Square Tutorial // Not For The Faint Hearted

Tuesday, December 9, 2025

Roznamcha -Karguzari: I am in WE November2nd 2010

Roznamcha -Karguzari: I am in WE November2nd 2010: On request of Editor WE as fallows.. Dear writer, Since its first issue, Woman’s Era has made its mark among its readers beca...

राजा इक्ष्वाकु

राजा इक्ष्वाकु: वह वैवस्वत मनु के पुत्र थे, जिन्हें वर्तमान कल्प (मनवन्तर) का पहला मानव माना जाता है। इस प्रकार, इक्ष्वाकु मानव जाति की प्राथमिक पीढ़ियों में से एक थे। "इक्ष्वाकु" का शाब्दिक अर्थ संस्कृत में "गन्ना" होता है। कुछ पौराणिक कथाओं में उनके जन्म को राजा मनु की छींक से जोड़ा जाता है, जबकि अन्य संदर्भों में यह नाम उर्वरता और समृद्धि का प्रतीक माना जाता है। उन्हें एक धर्मात्मा और कुशल प्रशासक माना जाता था। उन्होंने अपने राज्य में वैदिक धर्म और व्यवस्था को स्थापित किया। उन्होंने कई यज्ञ किए और ऋषियों का सम्मान किया। उनके वंश में आगे चलकर राजा हरिश्चंद्र, राजा सगर, राजा दिलीप, राजा रघु और सबसे महत्वपूर्ण, भगवान श्री राम जैसे महान सम्राट हुए। संक्षेप में, राजा इक्ष्वाकु वह नींव का पत्थर थे जिस पर बाद में रघुवंश (सूर्यवंश का एक और नाम) की गौरवशाली इमारत खड़ी हुई, जो प्राचीन भारतीय इतिहास में आदर्श शासन और धर्मपरायणता का प्रतीक बन गया। Let us know how you liked this post – comment below! xoxo

Monday, December 8, 2025

Shraddhadeva Manu

वैवस्वत मनु (Shraddhadeva Manu)। "वैवस्वत" शब्द का अर्थ है 'विवस्वान (सूर्य देव) के पुत्र'। "मनु" शब्द 'मन' धातु से बना है, जिसका अर्थ विचार करना या सोचना होता है, इसलिए उन्हें पहला विचारक मनुष्य माना जाता है। सूर्यवंश से संबंध वह सूर्यवंश के दूसरे प्रमुख सदस्य हैं: उनके पिता विवस्वान (सूर्य देव) हैं, जिन्हें सूर्यवंश का मूल संस्थापक माना जाता है। उनके पुत्र राजा इक्ष्वाकु थे, जिन्होंने अयोध्या में पहले राज्य की स्थापना की। मुख्य भूमिकाएँ और कहानियाँ प्रथम मनुष्य और मानव जाति के पिता: हिंदू पौराणिक कथाओं के अनुसार, वर्तमान सृष्टि चक्र (जिसे सप्तम मन्वंतर कहा जाता है) में मनु पहले मनुष्य थे। माना जाता है कि पृथ्वी पर मौजूद सभी मनुष्य उन्हीं की संतान हैं। जल प्रलय की कथा (मत्स्य अवतार): मनु से जुड़ी सबसे प्रसिद्ध कथा 'महाप्रलय' की है। जब एक विशाल जल प्रलय आने वाली थी, तब भगवान विष्णु ने मत्स्य (मछली) अवतार लिया और मनु को आगाह किया। भगवान मत्स्य ने मनु की नाव को सुरक्षित स्थान पर पहुँचाया और सृष्टि के बीज बचाए। प्रलय के बाद, मनु ने नए सिरे से मानव सभ्यता की स्थापना की। धर्म और नियम के संस्थापक: मनु को धर्म और सामाजिक व्यवस्था का प्रणेता माना जाता है। हिंदू धर्म का प्रसिद्ध ग्रंथ मनुस्मृति (जिसे मानव धर्मशास्त्र भी कहते हैं) उन्हीं के उपदेशों और संहिताओं पर आधारित माना जाता है, जिसमें जीवन जीने के नियम और सामाजिक कर्तव्य बताए गए संक्षेप में, वैवस्वत मनु वह महान ऋषि और राजा हैं जिन्होंने सूर् • नाम: वैवस्वत मनु (Shraddhadeva Manu)। • अर्थ: "वैवस्वत" शब्द का अर्थ है 'विवस्वान (सूर्य देव) के पुत्र'। "मनु" शब्द 'मन' धातु से बना है, जिसका अर्थ विचार करना या सोचना होता है, इसलिए उन्हें पहला विचारक मनुष्य माना जाता है। सूर्यवंश से संबंध वह सूर्यवंश के दूसरे प्रमुख सदस्य हैं: • उनके पिता विवस्वान (सूर्य देव) हैं, जिन्हें सूर्यवंश का मूल संस्थापक माना जाता है। • उनके पुत्र राजा इक्ष्वाकु थे, जिन्होंने अयोध्या में पहले राज्य की स्थापना की। 3. मुख्य भूमिकाएँ और कहानियाँ प्रथम मनुष्य और मानव जाति के पिता: हिंदू पौराणिक कथाओं के अनुसार, वर्तमान सृष्टि चक्र (जिसे सप्तम मन्वंतर कहा जाता है) में मनु पहले मनुष्य थे। माना जाता है कि पृथ्वी पर मौजूद सभी मनुष्य उन्हीं की संतान हैं। मनुस्मृति: उन्हें पारंपरिक रूप से प्राचीन भारतीय कानून और सामाजिक आचार संहिता, मनुस्मृति (Manusmriti) का लेखक माना जाता है। महाप्रलय के नायक: हिंदू पौराणिक कथाओं में, वैवस्वत मनु वह शख्सियत हैं जिन्होंने भगवान विष्णु के मत्स्य अवतार की सहायता से महान जलप्रलय (महाप्रलय) से जीवन की रक्षा की थी। उन्होंने हर प्रजाति के एक जोड़े और सप्त ऋषियों को बचाने के लिए एक विशाल नाव का निर्माण किया। वर्तमान मन्वंतर के मनु: हिंदू कालगणना के अनुसार, वर्तमान युग (कल्प) में चल रहे चक्र को 'सातवां मन्वंतर' कहा जाता है, और वैवस्वत मनु ही इस वर्तमान मन्वंतर के मनु हैं, यानी वर्तमान मानव जाति के पूर्वज।

Vivasvan(सूर्य देव)

विवस्वान (सूर्य देव) विवस्वान (Vivasvan) सूर्य देव का एक विशेष नाम है और वर्तमान मन्वंतर के प्रमुख सूर्य देवता हैं। हिंदू पौराणिक कथाओं में, वह महत्वपूर्ण स्थान रखते हैं क्योंकि उन्हें वर्तमान मानव जाति के पूर्वज वैवस्वत मनु, मृत्यु के देवता यमराज, और यमुना नदी के पिता के रूप में जाना जाता है। पौराणिक महत्व और कथाएं आदित्य स्वरूप: विवस्वान बारह आदित्यों में से एक हैं, जो ऋषि कश्यप और उनकी पत्नी अदिति के पुत्र हैं। सृष्टि के पालक: वह सूर्य ग्रह के अधिष्ठाता देवता हैं, जो अपनी असीम शक्ति और ऊष्मा से सभी ग्रहों को प्रकाश और गर्मी प्रदान कर नियंत्रित करते हैं। ज्ञान के स्रोत: पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, भगवान कृष्ण ने सर्वप्रथम विवस्वान को ही भगवद्गीता का ज्ञान दिया था। वंश परंपरा: विवस्वान की पत्नी संज्ञा थीं, जिनसे उन्हें तीन संतानें प्राप्त हुईं: वैवस्वत मनु: ये पहले मानव और वर्तमान मन्वंतर (कालचक्र) के मनु हैं, जिनसे समस्त मानव जाति की उत्पत्ति मानी जाती है। यम (यमराज): मृत्यु के देवता। यमुना: एक पवित्र नदी देवी। अन्य प्रमुख पुत्र विवस्वान के अन्य पुत्रों में सम्राट कर्ण (महाभारत के अनुसार) और वानरराज सुग्रीव (रामायण के अनुसार) भी शामिल हैं। विवस्वान नाम का शाब्दिक अर्थ "उज्ज्वल," "चमकदार," या "दिव्य सूर्य" होता है, जो उनकी तेजस्वी प्रकृति को दर्शाता है। xoxo

Sunday, December 7, 2025

मित्र सप्तमी

आज हिंदू पंचांग के अनुसार, 7 दिसंबर 2025 को मार्गशीर्ष (अगहन) मास के शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि है।आज हमने मित्र सप्तमी का पर्व मनाया, जो सूर्य देव को समर्पित है।आज हमने सूर्य की पूजा की और स्वास्थ्य तथा समृद्धि के लिए प्रार्थना की। पूजा के समय सूर्य देव का मंत्र पढ़ा एहि सूर्य सहस्त्रांशो तेजोराशे जगत्पते. अनुकम्पय मां देवी गृहाणार्घ्यं दिवाकर.. ॐ भूर्भुवः स्वःतत्सवितुर्वरेण्यं भर्गो देवस्यः धीमहि धियो यो नः प्रचोदयात्॥ आज सूर्य देव का दिन (रविवार) है, इसलिए धार्मिक कार्यों और सूर्य पूजा के लिए यह एक अच्छा दिन माना जाता है. आज हम विवस्वान (सूर्य देव), वैवस्वत मनु और राजा इक्ष्वाकु—जिन्हें सूर्यवंश का संस्थापक माना जाता है—के बारे में विस्तार से चर्चा करेंगे। ये तीनों हिंदू पौराणिक इतिहास की वे महत्वपूर्ण कड़ियाँ हैं, जिनसे अयोध्या के प्रतापी रघुवंश (जिसमें भगवान श्री राम हुए) की शुरुआत होती है। विवस्वान (सूर्य देव), मनु और राजा इक्ष्वाकु हिंदू पौराणिक कथाओं में सूर्यवंश के तीन महत्वपूर्ण और प्रारंभिक सदस्य हैं। ये तीनों एक-दूसरे से सीधे संबंधित हैं। 1. विवस्वान (सूर्य देव) परिचय: विवस्वान सूर्य देव का एक नाम है, जिन्हें वैदिक ग्रंथों में एक प्रमुख देवता माना जाता है। वह भगवान कश्यप और अदिति के पुत्र हैं।
(Source:internet) भूमिका: हिंदू धर्म में, विवस्वान को सूर्यवंश का आदि-प्रवर्तक या मूल स्रोत माना जाता है। भगवद गीता (अध्याय 4, श्लोक 1) में भगवान कृष्ण ने स्वयं उल्लेख किया है कि उन्होंने यह अविनाशी योग विज्ञान सबसे पहले विवस्वान को सिखाया था। 2. मनु (वैवस्वत मनु) परिचय: मनु, जिनका पूरा नाम वैवस्वत मनु या श्रद्धादेव मनु है, विवस्वान (सूर्य देव) और उनकी पत्नी संज्ञा के पुत्र हैं। उन्हें मानव जाति का पिता और प्रथम मनुष्य माना जाता है।
(Source:internet) भूमिका: मनु ने ही अपने पिता विवस्वान से योग और धर्म का ज्ञान प्राप्त किया और उसे पृथ्वी पर मानव समाज के लिए स्थापित किया। मनुस्मृति जैसे धर्मग्रंथों की रचना का श्रेय भी उन्हीं को जाता है। उन्होंने एक महान जल प्रलय (जिसे मत्स्य अवतार की कथा में वर्णित किया गया है) के दौरान मानव जाति की रक्षा की। राजा इक्ष्वाकु परिचय: राजा इक्ष्वाकु वैवस्वत मनु के दस पुत्रों में सबसे बड़े थे।
(Source:internet) भूमिका: इक्ष्वाकु कोसल राज्य के पहले राजा और अयोध्या शहर के संस्थापक माने जाते हैं। उन्होंने ही अपने पिता मनु द्वारा दिए गए ज्ञान के आधार पर पृथ्वी पर एक सुसंगठित राजव्यवस्था और इक्ष्वाकु वंश (जिसे सूर्यवंश भी कहा जाता है) की स्थापना की। वंश: इसी प्रतापी वंश में आगे चलकर राजा हरिश्चंद्र, राजा भगीरथ, राजा रघु और अंततः भगवान श्री राम का जन्म हुआ। जैन धर्म के पहले तीर्थंकर ऋषभदेव भी इसी वंश से थे। संक्षेप में, ये तीनों हस्तियाँ सूर्यवंश के संस्थापक क्रम में हैं, जिन्होंने वैदिक ज्ञान और क्षत्रिय परंपरा को पृथ्वी पर स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। rest is in the next post...continued...

Saturday, December 6, 2025

A PRICELESS VASE WOVEN FROM A MOTHER'S MEMORIES.

माँ की यादों से बना एक अमूल्य फूलदान। मैंने अपने घर में बेकार पड़ी चीजों—एक जूट की अनाज की बोरी और छोड़े गए केबल वायर—को एक खूबसूरत फूलदान में बदलकर रीसायकल किया है। यह परियोजना न केवल रचनात्मकता का प्रतीक है, बल्कि इसमें मेरी स्वर्गीय माँ की मेहनत, प्यार और यादें भी जुड़ी हैं। इस फूलदान को बनाने की प्रक्रिया में बहुत मेहनत लगी, जिसका श्रेय मेरी माँ को जाता है। जूट की बोरी को "उधेड़ने" (unraveling) का थकाऊ और मेहनती काम उन्होंने ही किया था, जिससे मुझे लंबे, पतले जूट के धागे (ट्विन) मिले। उन धागों को केबल वायर के चारों ओर लपेटने का मेहनती काम भी उन्होंने ही किया, ताकि वायर छिप जाए और सामग्री एकसार हो जाए। उनकी हर एक मेहनत की गांठ में उनका प्यार और आशीर्वाद छिपा है। इस फूलदान को छूने पर मुझे उनकी ममता और उपस्थिति का गहरा अहसास होता है। इसके बाद, तैयार केबल को एक टेराकोटा के बर्तन पर लपेटा गया, और उसका ढक्कन भी उसी तरह बनाया गया। परिणामस्वरूप, यह सुंदर, हस्तनिर्मित फूलदान तैयार हुआ है। यह टिकाऊ क्राफ्टिंग का एक जीता-जागता उदाहरण है, जो दर्शाता है कि संसाधनशीलता और कलात्मकता मिलकर एक व्यावहारिक और अनूठी वस्तु का निर्माण कर सकते हैं। इस कृति को टेराकोटा के बर्तन की तरह और फूलदान की तरह भी इस्तेमाल किया जा सकता है। यह फूलदान अब मेरे लिए खास है क्योंकि यह सिर्फ एक सजावटी वस्तु नहीं, बल्कि मेरी माँ की मेहनत की एक अमूल्य और जीवित निशानी है।