Wednesday, July 4, 2012

Wordless Wednesday

  आज मेरे आँगन से कुछ सफेद फूल मेरे साथ घर के भीतर चले आए।
काँच के फूलदान में सजे तो लगा, जैसे श्वेत तितलियाँ ठहर गई हों.....


काँच के फूलदान में सजे 

सफेद फूल

मनकों से भरे कांच के फूलदान में 
 

इन फूलों की एक छोटी-सी कहानी है

वर्षों से मेरे घर में यह पौधा खिला रहा है।

मैंने किताबों में खोजा, इंटरनेट पर ढूँढ़ा, अनेक चित्रों से मिलान किया, फिर भी आज तक इसका नाम निश्चित नहीं कर पाई।

शायद हर सुंदर चीज़ का परिचय उसका नाम नहीं होता।

कभी-कभी उसकी उपस्थिति ही पर्याप्त होती है।

क्या आप इस फूल को पहचानते हैं?


 शब्बा खैर!!!

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